दूसरों को सही-गलत साबित करने में जल्दबाजी न करें
September 9, 2019 • वेद प्रकाश

रेल में सफर कर रहा पुत्र खिड़की से बाहर देख चिल्लाया - 'पापा, देखो पेड़ पीेछे की ओर भाग रहे हैं।' पिता मुस्कुरा दिया। पास बैठे दम्पति को लड़के के बचकाने व्यवहार पर दया आई। वह लड़का फिर बोला-पापा, देखो बादल हमारे साथ दौड़ रहे हैं।

दम्पति उसके पिता से बोल पड़े - आप इसे

डाक्टर को क्यों नहीं दिखाते? पिता ने कहा- हम अभी हास्पिटल से ही आ रहे हैं। मेरा लड़का जन्मांध था। आज वह दुनिया पहली बार देख रहा है।