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अच्छे बच्चे
October 29, 2020 • गौरव वाजपेयी "स्वप्निल • कविताएँ


गौरव वाजपेयी "स्वप्निल"
मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
मो. 8439026183, 7983636782

अच्छे बच्चे
अच्छे बच्चे आखिर सोचो
अच्छे क्यों हैं होते?
अच्छे बच्चे बात-बात पर
नहीं कभी हैं रोते।।

अच्छे बच्चे ध्यान लगाकर
करते हैं सब काम।
अच्छे बच्चे जब तक काम न
पूरा हो लेते विश्राम।।

अच्छे बच्चे मधुर भाषा का
करते सदा प्रयोग।
अच्छे बच्चे खेल-कूद-व्यायाम
करें नित योग।।

अच्छे बच्चे मात-पिता की
सदा मानते बात।
अच्छे बच्चे सो जाते हैं जल्दी
नितप्रति रात।।

अच्छे बच्चे सुबह-सवेरे हैं
जल्दी उठ जाते।
अच्छे बच्चे सर्दी-गर्मी में
हर रोज नहाते।।

अच्छे बच्चे हाथ जोड़कर
पूजें नित भगवान।
अच्छे बच्चे घर-आए का
पूर्ण करें सम्मान।।

अच्छे बच्चे बुरी आदतों से
रहते हैं दूर।
अच्छे बच्चे कभी गर्व में होते
कभी न चूर।।

अच्छे बच्चे सदा जानते
जीवन मूल पढ़ाई।
अच्छे बच्चे यह भी जानें
है बेकार लड़ाई।।

अच्छे बच्चे मेलजोल का
समझें सदा महत्व।
अच्छे बच्चे सदा बढ़ाते
दैनन्दिन एकत्व।।

तुम भी यह संकल्प करो तुम
होगे अच्छे बच्चे।
मात-पिता-गुरु सबके प्यारे
ऐसे सच्चे बच्चे।।