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बालगीत
October 29, 2020 • ज्योत्स्ना प्रदीप • कविताएँ

ज्योत्स्ना प्रदीप,

Email. : jyotsanapardeep@gmail.com

 

आओ मिल कर योग करें

आओ मिलकर योग करें

हम बालक भी योग करें।

 

आलस को तुम त्यागों जी

सुबह को जल्दी जागो जी

दूर सभी हम रोग करें

आओ मिलकर योग करें।

 

प्यारा - प्यारा तन-मन है

सेहत है तो जीवन है

सभी को हम निराग करें

आओ मिलकर योग करें।

 

ऋषि-मुनि सारे योगी थे

कभी नहीं वो रोगी थे।

हर पल का उपयोग करें।

आओ मिलकर योग करें।

 

तोता

मीतू ने इक तोता पाला

बातूनी पर भोला भाला।

 

करके उसे पिंजरे में बंद

करें उसको रे सभी पसंद।

 

नीतू ने जब पिंजरा खोला

‘यहीं रहूँगा- तोता बोला।

 

मुझको लगता घर ये प्यारा

मैं सबकी आँखों का तारा।

 

स्टडी हॉल, प्ले स्कूल, नंबी, मुम्बई के बच्चे योगाभ्यास करते हुए