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ग़ज़लें
December 19, 2019 • राजकुमारी शर्मा ‘राज़’ • ग़ज़लें

तख़यील1 के दरिया में अफ़कार2 के मोती हैं।

फ़नकार का सरमाया किरदार के मोती हैं।।

 

जो आब किसी सूरत खोने को नहीं राज़ी है।

वो वक़्ते-मुअज़्ज़म3 की दस्तार4 के मोती हैं।।

 

आँधी से तग़य्युर5 की टूटेंगे बहुत जल्दी।

पलकों पे सियासत की इज़हार के मोती हैं।।

 

महफूज़ ज़माने से रखने हैं बहर सूरत।

झोली में रिफ़ाक़त6 की इक़रार के मोती हैं।।

 

जिस सम्त नज़र डालें उस सम्त नज़र आएं।

ताबिन्दा7 हक़ीक़त से असरार8 के मोती हैं।।

 

मग़रूर की चैखट पर मैं जिनको लुटा आई।

दुनिया से कहूँ क्यों वो इसरार9 के मोती हैं।।

 

वो 'राज' अता मुझको फ़ुर्सत के करे लम्हे।

मुझ पर भी लुटाने को गुफ़्तार10 के मोती हैं।।

 

 

 

क़िरतासे-नदामत11 पर तहरीर लिखें आँसू।

पर सोजे़ मुहब्बत को बरसात न दें आँसू।।

 

अग़यार12 के हाथों से लुटने का नहीं कुछ ग़म।

अपनों के लुटे हैं जो आँखों में भरें आँसू।।

 

पलकों पे उभर आएं जब तोड़ के हर बन्दिश।

रूदादे-ग़मे-उल्फ़त13 उस वक़्त कहें आँसू।।

 

होटों पे लगादे जो ताला ही ख़मोशी का।

उस दिल की कशाकश का इज़हार करें आँसू।।

 

रोने पे अगर रोएं तो इसमें अजब क्या है?

वो शख़्स हँसे उसके तो साथ हँसें आँसू।

 

ख़वाबों के दरीचे में मैं जिसको सजाए हूँ।

उस शोख़ के दामन पर दो-चार गिरें आँसू।।

 

है 'राज़' दरख़्शिन्दा14 सूरज की तरह से सच।

ख़ुददार तबीअत की पलकों पे सजें आँसू।।

 

 

बे ख़ौफ़ों-दरेग़15 अपनी मंज़िल की तरफ़ बढ़ना।

तुम लड़ते हुए रौ से साहिल की तरफ़ बढ़ना।

 

जाहिल पे फ़िरासत16 को होगा न असर कोई।

बेकार है ग़्ाुस्से में जाहिल की तरफ़ बढ़ना।।

 

इस दौरे-तरक़्की में है सबकी ज़ुबानों पर।

दुश्वार हुआ सच का बातिल17 की तरफ़ बढ़ना।।

 

दिल जिनका शुजाअत18 के अनवार19 से रौशन है।

आसान है उनको ही मुश्किल की तरफ़ बढ़ना।।

 

वो वार पलटकर भी कर सकता है इक तुम पर।

ये सोच-समझकर ही क़ातिल की तरफ़ बढ़ना।।

 

 

जिस दिल की सुरंगों में महफ़ूज़ मुहब्बत है।

तुम ले के गुलाबों को उस दिल की तरफ़ बढ़ना।।

 

'राज' उसमें कई काले हैं नाग सियासत के।

हथियार कोई लेकर उस बिल की तरफ़ बढ़ना।।

 

  1. कल्पना
  2. रचनात्मक कार्य
  3. सम्मानीय समय
  4. पगड़ी
  5. परिवर्तन
  6. दोस्ती
  7. चमकदार
  8. रहस्य
  9. आग्रह
  10. बार्तालाप
  11. शर्मिदगी का पृष्ठ
  12. दुश्मन
  13. मुहब्बवत के ग़म की कहानी
  14. रोशन
  15. बिना डर और दुःख
  16. बुद्धिमता
  17. झूठ
  18. वीरता
  19. बहुत अधिक चमक