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जैसे ज़रूरी है
July 10, 2020 • सुधीर सक्सेना • बिरासत

सुधीर सक्सेना, भोपाल, म.प्र.

जैसे
स्वाद के लिये
जरूरी है नमक,
मिठास के लिये शकरा
और रक्त के लिये लौहतत्व

जैसे बाँसुरी के लिये जरूरी है बाँस,
जैसे अंकुर के लिये जरूरी है बीज,
और उड़ान के लिये जरूरी है पंख,
और संतान के लिये जरूरी है गर्भाधान,

जैसे जरूरी है वर्ण क्रम के लिये रंग,
स्फुरदीप्ति के लिये जरूरी है फास्फोरस,
और जीवाश्म के लिये जरूरी है जीव

वैसे ही,
आदमी होने के लिये जरूरी है
कपाल में थोड़ा सा क्रोध,
दिल में थोड़ा सा प्यार
थोड़ी सी नफरत दिमाग में
और आँखों में
थोड़ी सी शर्म

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