ALL संपादकीय पुस्तक कहानी कविताएँ ग़ज़लें लघुकथा लेख पत्रांश साहित्य नंदनी बिरासत
जीवन में जीवन
February 17, 2020 • मेधावी जैन • कविताएँ

यदि लेखन न होता

तो मैं होता तो

किंतु मैं न होता

वह जो मैं होता

आवरणों, दिखावों में उलझा

भटका सा होता

अवसाद से जूझता

जाने किस अज्ञानी की शरण खोजता

जीवन होता तो

किंतु उसमें जीवन न होता

शुक्र है कि लेखन है

मैं, मैं हूी हूँ

और जीवन में जीवन है