ALL संपादकीय पुस्तक कहानी कविताएँ ग़ज़लें लघुकथा लेख पत्रांश साहित्य नंदनी बिरासत
कडुवा बोल
September 16, 2020 • अनुवाद: नासिरा शर्मा • पुस्तक

एक रात हारूनुलरशीद ने सपना देखा कि एकदम से उसके सारे दांत बाहर गिर पड़े हैं। सुबह उठते ही उसने मौअबरी1-3 को बुलाया और अपना सपना उसे सुना कर उसका कारण मालूम करना चाहा।

"ज़िन्दगी बादशाह सलामत की बहुत लम्बी है, इतनी लम्बी है कि हुजूर की आंखों के सामने ही सारे रिश्तेदार स्वर्ग सिधारेंगे, केवल आप ही तन व तन्हा रह जायेंगे। सपने का अर्थ बताने वाले ने सर झुका कर आदर से कहा। सुनकर बादशाह हारून ने हुक्म किया कि, "इस शख़्स को सौ कोड़े मारे जायें, ताकि उसे अपने कड़वे और सख्त शब्दों के उन कोड़ों का एहसास हो जो उसने मेरे दिल पर मारे हैं, मेरे सारे सगे संबंधी मर जायेंगे तो मैं किसके लिए ज़िन्दा रहूंगा?" इसी बीच दूसरा ख़्वाबगुज़ार बुलाया गया और बादशाह ने उसके सामने रात का सपना दोहराया और ताबीर पूछनी चाही।

ख़्वाबगुज़ार बोला, “यह ख़्वाब जो अमरिलमोमनी ने देखा है वह इशारा करता है कि खुदावन्द ने अधिक लम्बी उमर पाई है। अपने सब ही रिश्तेदारों से?" सुनकर हारून बादशाह बोला, अर्थ पहले वाले से अलग नहीं हैं परन्तु एक ही अर्थ को बयान करने के अंदाज़ में ज़मीन आसमान का फर्क है। इस ख़्वाबगुज़ार को सौ दीनारें दी जाएं।" (क़ाबूसनामा)

  1. ज्योतिषी जो सपने का अर्थ बताते हैं।
  2. सपने का अर्थ बताने वाला)
  3. सपने का अर्थ

अनुवाद: नासिरा शर्मा, नई दिल्ली, मो. 9811119489