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लचारी की ललकार
September 1, 2020 • प्रेरणा सागवान • बिरासत


प्रेरणा सागवान, अजमेर, मो. 9636639952

दुख पुरुष

दुख से मेरा
आज का नहीं
युगों पुराना जन्म
जन्मान्तर का सम्बन्ध है
मेरे इस संबंध 
पर कोई लांछन
मत लगाओ
मेरे दुःख प्रेमी
का अपमान न करो
इस का सम्बन्ध
मेरी देह से नहीं
आत्मा से है
सूर्य की भाँति तेजवान है
मेरा दुःख पुरुष।
दुख का वियोग
मेरी मृत्यु भी बन सकता है
मैं धरती के वक्ष स्थल पर
रेत की तरह बिखर जाऊँगी
मेरे वक्ष पर दुख
लिखेगा प्रेम की
अमर परिभाषा 
और जीवन का इतिहास।