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पल दो पल
February 13, 2020 • उमा मालवीया • कविताएँ

पल दो पल

कुछ बात करें

आगे बढ़ें

ऐसा प्रयास करें

नये विचार नई टैकनिक

आओ हम ईजाद करें

स्वच्छ  प्रशासन पारदर्शिता

इन्हें विस्तृत करने का

साहस करें

पल दो पल कुछ बात करें

उत्तरोत्तर उत्पादन हेतु

अपनी बुद्धि का विकास करें

मेहनत हम दिन रात करें

पल दो पल कुछ बात करें

विशुद्ध मुनाफा बढ़ता जायें

सभी जन निज वस्तुऐं पायें

ऐसे कुछ हालात करें

पल दो पल कुछ बात करें

 

श्रम भागीदारी को

मन से आत्मसात करें

जिन्दगी रहे अमन चैन से

ऐसी कुछ योजना बनायें

समय को साकार करें

पल दो पल बात करें

 

बच्चों का विकास करें

पल दो पल बात करें

मानवता का पाठ पढ़ायें

कुछ उनके संग

हास परिहास करें

 

मन पूजा अर्चना में लगायें

जीवन को सार्थक करें

स्वयं का उद्धार करें

आगे बढ़ें ऐसा प्रयास करें

 

पल को थाम लें

कब जायेगा फिसल

हाथों से जायेगा निकल

बस इतना जान लें

 

कितना समय लगता है

एक मकान बनाने में

एक पल लगता है

मकान को गिराने में

पल दो पल बात करें

अच्छे सवालात करें