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पुस्तक परिचय
June 22, 2020 • सुकन्या संगर • साहित्य नंदनी

भजन सम्राट अनूप जलोटा द्वारा डा. अंजना संधीर लिखित ‘‘लरन हिन्दी एन्ड हिन्दी फिल्म सोंग्स’’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न किया गया था।

मुंबई के प्रसिद्ध एस.पी. जैन आडिटोरियम, भवंस फाउनडेशन द्वारा पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम तथा महफिले-मुशायरा का आयोजन किया गया था। फिल्मी गीतों के माध्यम से हिन्दी किस तरह सिखाई जा सकती है इसके मद्देनजर डा. अंजना संधीर ने 745 पृष्ठ की यह पुस्तक ‘‘लरन हिन्दी एन्ड हिन्दी फिल्म सोंग्स’’ लिखी जिसमें गीतों की सी.डी प्रसिद्ध सारे-गा-मा कम्पनी ने बनाई है। फिल्म इंडस्ट्रिी को एक सौ वर्ष होने पर एक सौ सुमधुर, सांस्कृतिक सदाबहार गीतों का अंग्रेजी में अनुवाद इस पुस्तक में किया गया है जिसमें हिन्दी, रोमन लिपि के साथ-साथ अंग्रेजी अनुवाद भी प्रस्तुत है तथा एक सौ तीन सिनेमा से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें भी शामिल हैं। एक दशक से अधिक अमरीका में विदेशी छात्रों को हिन्दी पढ़ाते पढ़ते डा. अंजरा संधीर ने यह एक नई शिक्षा पद्धति की खोज की जो बेहद सफल रही। सन् 2004 में 25 गीतों की सीडी को उन्होंने तैयार किया था जिसकी दस हजार प्रतियों अमरीका में न्यूयार्क लाइफ इन्श्योरेंस कम्पनी ने मुफ्त वितरित की थीं। जिस पर कई विश्व विद्यालयों में पाठ्य-क्रम बना है। भजन सम्राट अनूप जलोटा ने पुस्तक लोर्कापण कर बधाई दी और अपनी सुमधुर आवाज में दो भजनों के मुखड़े सुना कर समय बाँध दिया। ‘नवनीत’ के सम्पादक व कार्यक्रम अध्यक्ष डा. विश्वनाथ सचदेव ने बधाई देते हुए डा. अंजना संधीर के द्वारा किए गए हिन्दी के प्रचार हेतु महत्वपूर्ण प्रयत्नों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आज हम अपने बच्चों को बचपन से अंग्रेजी का पाठ पढ़ाने में व्यस्त है वहीं डा. अंजना संधीर ने विदेश में रहकर हिन्दी की अद्भुत सेवा कर हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया है, यह पुस्तक उनका महत्वपूर्ण योगदान है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा क्योंकि भाषा को सरल रूप में पढ़ाने के लिए ये गीत भी उपयोगी हो सकते हैं किसी ने सोचा भी नहीं था।

कवि श्री अनंत श्रीमाली डा. करुणाशंकर उपाध्याय (अध्यक्ष हिन्दी विभाग मुंबई विश्व विद्यालय) प्रसिद्ध शायर कासिम इमाम, आलम निज़ामी, राम गोदिदे ‘अतहर’ देवमणि पाण्डेय, असद अजमेरी, डा. अंजना संधीर, संध्या रियाज व प्रज्ञा विकास और अध्यक्षा मायागोविदें ने भी इस पुस्तक की ख़ूब शिद्दत से अंजना जी के इस प्रयास की प्रशंसा की है।   

‘‘जीवंती फांडडेशन’’ के संचालकों को बधाई दी।

प्रस्तुति: सुकन्या संगर

डा. अंजना संधीर