ALL संपादकीय पुस्तक कहानी कविताएँ ग़ज़लें लघुकथा लेख पत्रांश साहित्य नंदनी बिरासत
ये समय है बीत जायेगा
May 1, 2020 • निशा नंदिनी भारतीय  • कविताएँ
निशा नंदिनी भारतीय 
 
 
यह समय भी बीत जायेगा 
जब अच्छा नहीं रुका 
तो बुरा कैसे ठहर पायेगा
ये समय है बीत जायेगा।
 
सुख में स्वार्थी बन चैन से पड़े रहे 
दुख आते ही नींद उड़ गई तुम्हारी                       
यह परीक्षा लेता है हमारी तुम्हारी
ये समय है बीत जायेगा 
जब अच्छा नहीं रुका 
तो बुरा कैसे ठहर पायेगा। 
 
समय याद दिलाता है सब कुछ 
समय भूला देता है सब कुछ 
समय की गति है अद्भुत न्यारी 
ये समय है बीत जायेगा 
जब अच्छा नहीं रुका 
तो बुरा कैसे ठहर पायेगा। 
 
तीव्रता से चलता थकता नहीं है 
कब कहां कैसे थमता नहीं है 
कदम से कदम मिला लो इसके 
ये समय है बीत जायेगा 
जब अच्छा नहीं रुका 
तो बुरा कैसे ठहर पायेगा। 
 
समय की कश्ती में वजन बहुत है
इतिहास को समेटे चला बहुत है 
पर खाली था खाली ही जायेगा 
ये समय है बीत जायेगा 
जब अच्छा नहीं रुका 
तो बुरा कैसे ठहर पायेगा। 
 
तिनसुकिया, असम, Mob. 9435533394