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ज़िन्दगी
February 13, 2020 • उमा मालवीया • कविताएँ

ज़िन्दगी सांसों के चलने का

अनूठा अहसास है,

सृष्टि का उपहार है जिन्दगी

जीवन को तराशने का औजार

मेहनत से मिलता सदा सुख

 

आनन्द को भोगने की शक्ति है

उपर वाले की कृपा व भक्ति है

कत्र्तव्यों की आस है जिन्दगी

रंगों भरी उजास है जिन्दगी

नियम से चलने पर नहीं करती

कभी निराश जिन्दगी

 

समस्याओं का हल है

उन्नति पर चढ़ने से मिलता फल

प्रकृति के मुक्त पंखों द्वारा

मानव में प्रयत्न करके तभी

बनाया बसेरा जिन्दगी में हुआ सवेरा

 

जिन्दगी करती है रौशन अन्धेरे को

मिटाती है नकाब रहस्यों के

बन्धनों से मुक्त कर देती है

संघर्षों में देती है सहायता

जटिल समस्याओं को

सरल बनाने का प्रयास है

सृजन की मूल तपस्या के पीछे

मानव को देती है विज्ञान

का वरदान जिन्दगी

 

जिन्दगी बड़ी सयानी है

दुःख सुख की कहानी है

उपर वाले की मेहरबानी है,

हाथों द्वारा जानी पहिचानी

जिन्दगी की हलचल में

क्या खोया क्या पाया

चलती रहती अपनी रफतार से

उठते बचाते अपने कगार से

 

धरती के गर्भ से वैभव

समेट लाती है

पर्वतों के उत्तंग शिखरों पर

चढ़कर उर्जा भर देती है जिन्दगी

 

जिन्दगी को केवल संवाद न रहने दो

संवाद नहीं केवल अवसाद न रहने दो

स्नेह प्रेम ममता त्याग की

डोरी में पिरोकर रखो जिन्दगी